मॉर्निंग वॉक के नियम
प्रातःकाल की खुली स्वच्छ वायु में भ्रमण करने से शरीर रोगमुक्त रहता है अथवा जिन रोगों से हम ग्रसित हैं, उनमें कुछ राहत अवश्य महसूस करते हैं। बच्चे हों या बुजुर्ग, महिला हो या पुरुष सभी की अच्छी सेहत हेतु प्रातः भ्रमण एक संजीवनी है। प्रातः भ्रमण सेहत बनाने का बहुत सरल, सस्ता और सुविधाजनक उपाय है। प्रातःकाल का समय सर्वोत्तम होता है, क्योंकि इस समय हवा शुद्ध और प्रदूषण रहित होती है एवं प्राकृतिक छटा और सूर्योदय की लालिमा सुहावनी और शांतिप्रिय होती है।लाभ :
* नियमित सैर करने से न केवल मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं, बल्कि बाजुओं, पेट एवं जाँघों से भी अतिरिक्त चर्बी कम होती है। जितनी अधिक हम सैर करेंगे उतनी ही अधिक कैलोरीज बर्न होगी एवं मोटापा कम होगा।
* प्रातःकाल की खुली स्वच्छ वायु फेफड़ों में रक्त शुद्ध करने की क्रिया को प्रभावशाली बनाती है। इससे शरीर में ऑक्सीहीमोग्लोबीन बनता है, जो कोशिकाओं को शुद्ध ऑक्सीजन पहुँचाता है।
* हृदय, रक्तचाप, स्नायु रोग, मधुमेह आदि के रोगियों को भी प्रातः सैर करने की चिकित्सक द्वारा सलाह दी जाती है।
* सुबह की सैर हड्डियों के घनत्व को भी बढ़ाती है।
* टहलने से न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक क्षमता भी बढ़ जाती है एवं तनाव दूर होता है।
* कम से कम प्रतिदिन 3 किलोमीटर एवं सप्ताह में 5 दिन अवश्य सैर करें।
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* सैर हेतु शांत वातावरण और चारों तरफ प्राकृतिक सौंदर्य वाला (बाग-बगीचा) या खुला स्थान चुनें।
* टहलते समय हल्की गहरी साँस लेने की आदत डालें और मन में शुद्ध विचार लाएँ।
* शरीर का तापमान सामान्य रखने हेतु शरीर को अतिरिक्त पानी चाहिए, अतः सैर पर जाने से पहले और पश्चात एक गिलास पानी अवश्य पिएँ।
* टहलते समय किसी प्रकार का मानसिक तनाव न रखें।
* टहलते समय अपने हाथों को नीचे की ओर रखें और बराबर हिलाते रहें, इससे स्फूर्ति मिलती है।
* हृदय रोग, रक्तचाप या कोई अन्य गंभीर समस्या वाले रोगी टहलना प्रारंभ करने से पहले चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।
* प्रत्येक व्यक्ति को अपनी आयु एवं क्षमता के अनुसार ही सैर करनी चाहिए।
* सैर करते समय प्रारंभ और अंत में हमेशा गति धीमी रखें। यही नहीं प्रातः भ्रमण के पश्चात हमें संतुलित आहार की ओर भी ध्यान देना होगा।
अपनी व्यस्त दिनचर्या में से 20-25 मिनट निकालिए, अपने तन और मन को स्वस्थ रखने हेतु संकल्प लीजिए एवं थोड़ा-सा समय गुजारिए प्रदूषण मुक्त सुबह की ठंडी सुहावनी हवा में, जो प्रकृति ने हमें उपहारस्वरूप दी है।
By:- Bunty Primery Haelth care Center kawardha
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