Monday, 7 April 2014

भागती-दौड़ती जिंदगी में इंसान जब रात में थक कर सोने की कोशिश करता है तो सकून भरी नींद भी उसे नसीब नहीं होती है। जिसके कारण उसकी रात केवल करवटें बदलते ही बीतती है। इस कारण इंसान हाईब्लडप्रेशर और चिड़चिड़ेपन का शिकार हो जाता है। यही नहीं उसे सिरदर्द और मोटापे का भी दंश झेलना पड़ता है। इस कारण वो झल्लाकर डॉक्टरों के पास पहुंच जाता है और भारी-भरकम पैसा अपनी दवाईयों पर खर्च करता है,लेकिन उसके बावजूद भी वो अपनी समस्याओं से पूरी तरह निजात नहीं पाता है।

लेकिन अगर वही इंसान अपनी बिजी लाईफस्टाइल में थोड़ा सा परिवर्तन कर ले, तो यकीन मानिए उसे डॉक्टर के पास समय और ना ही दवाइयों पर पैसे खर्च करने पड़ेंगे। यहां हम आपको कुछ टिप्स बता रहे हैं, जिन पर अगर आप अमल करेंगे तो आप पायेंगे बहुत अच्छी नींद और सेहतमंद जिंदगी।

1. सोने के लिए आप हमेशा ढीले-ढाले कपड़ों का प्रयोग कीजिये।
2. सोने के लिए कमरे का तापमान सामान्य होना चाहिए।
3. सोने से करीब दो घंटे पहले रात का भोजन करना चाहिए। कभी भी खाना खाकर तुरंत नहीं सोना चाहिए और ना ही भारी-भरकम भोजन करना चाहिए, हमेशा रात का खाना हल्का होना चाहिए।
4. रात को सोने से पहले गुनगुने दूध या फिर हलके गर्म दूध का सेवन करना अच्छा होता है।
5. आप अपनी दिनचर्या में शारीरिक व्यायाम को शामिल करें क्योंकि अक्सर आप ऑफिस में कुर्सियों पर लगातार बैठकर काम करते हैं,जिससे आपका दिमाग तो लगातार थकता है,लेकिन शरीर का निचला हिस्सा सुस्‍त अवस्‍था में पड़ जाता है इसलिए सोते समय आपको पीठ दर्द या कमर दर्द का एहसास होता है, जो आपकी नींद को दूर भगा देता है। व्यायाम करने से यह समस्या दूर हो जायेगी।
6. कमरे में सोते समय हल्की रोशनी होनी चाहिए।
7. सोने वाला कमरा साफ सुथरा होना चाहिए।
8. कभी भी सोने से पहले शराब और सिगरेट का सेवन नहीं करना चाहिए।
9. कभी भी मुंह ढककर नहीं सोना चाहिए।
10. हो सके तो खाना खाने के बाद आप 10-15 मिनट टहलें, इससे भोजन को पचने में मदद मिलेगी और आपको नींद अच्छी आयेगी।
11. हो सके तो सोने से पहले आप अपनी कोई मनपसंद किताब पढ़ें, इससे भी नींद अच्छी आती है।
12. और अंत में सबसे महत्वपूर्ण बात..वो यह कि सोने से पहले आप अपनी सारी चिंताओं के छोड़ दें और बिल्कुल शांत मन से बिस्तर पर जायें।

Monday, 10 March 2014

Summer Season Tips

आया  मौसम  गर्मी ,लू का…… 

दोस्तों ,गर्मी का महीना आ गया है और सूरज अपनी प्रखर किरणों की तीव्रता से संसार के जलियांश (स्नेह )को सुखा कर वायु में रूखापन और ताप बढ़ा कर मनुष्यों के शरीर के ताप की भी वृद्धि कर रहा है!
गर्मी में होने वाले आम रोग –गर्मी में लापरवाही के कारण सरीर में निर्जलीकरण (dehydration),लू लगना, चक्कर आना ,घबराहट होना ,नकसीर आना, उलटी-दस्त, sun-burn,घमोरिया जैसी कई diseases हो जाती हैं.
इन बीमारियों के होने में प्रमुख कारण-
  • गर्मी के मोसम में खुले शरीर ,नंगे सर ,नंगे पाँव धुप में चलना ,
  •  तेज गर्मी में घर  से खाली पेट या प्यासा बाहर जाना,
  • कूलर या AC से निकल कर तुरंत धुप में जाना ,
  • बाहर धुप से आकर तुरंत ठंडा पानी पीना ,सीधे कूलर या AC में बेठना ,
  • तेज मिर्च-मसाले,बहुत गर्म खाना ,चाय ,शराब इत्यादि का सेवन ज्यादा करना ,
  • सूती और ढीले कपड़ो की जगह सिंथेटिक और कसे हुए कपडे पहनना
इत्यादि कारण गर्मी से होने वाले रोगों को पैदा कर सकते हैं
हम कुछ छोटी-छोटी किन्तु महत्त्वपूर्ण बातो का ध्यान रख कर ,इन सबसे बचे रह कर ,गर्मी का आनंद ले सकते हैं!
उपचार से बचाव  बेहतर होता है,है ना?
तो चलिए हम कुछ वचाव के तरीके जानते हैं -
  • गर्मी में सूरज अपनी प्रखर किरणों से जगत के स्नेह को पीता रहता है,इसलिए गर्मी में मधुर(मीठा) ,शीतल(ठंडा) ,द्रव (liquid)तथा इस्निग्धा  खान-पान हितकर होता है!
  • गर्मी में जब भी घर  से निकले ,कुछ खा कर और पानी पी कर ही निकले ,खाली पेट नहीं
  • गर्मी में ज्यादा भारी (garistha),बासा भोजन नहीं करे,क्योंकि गर्मी में सरीर की जठराग्नि मंद रहती है ,इसलिए वह भारी खाना पूरी तरह पचा नहीं पाती और जरुरत से ज्यादा खाने या भारी खाना खाने से उलटी-दस्त की शिकायत हो सकती है
  • गर्मी में सूती और हलके रंग के कपडे पहनने चाहिये
  • चेहरा और सर रुमाल या साफी से ढक कर निकलना चाहिये
  • प्याज का सेवन तथा जेब में प्याज रखना चाहिये
  • बाजारू ठंडी चीजे नहीं बल्कि घर की बनी ठंडी चीजो का सेवन करना चाहिये
  • ठंडा मतलब आम(केरी) का पना,  खस,चन्दन गुलाब फालसा संतरा  का सरबत ,ठंडाई सत्तू, दही की लस्सी,मट्ठा,गुलकंद का सेवन करना चाहिये
  • इनके अलावा लोकी ,ककड़ी ,खीरा, तोरे,पालक,पुदीना ,नीबू ,तरबूज आदि का सेवन अधिक करना चाहिये
  • शीतल पानी का सेवन ,2 से 3 लीटर रोजाना
  • अगर आप योग के जानकार हैं ,तो सीत्कारी ,शीतली तथा चन्द्र भेदन प्राणायाम  एवं शवासन का अभ्यास कीजिये ये शारीर में शीतलता का संचार करते हैं

तो दोस्तों इन कुछ छोटी छोटी बातो का ध्यान रख कर गर्मी की गर्मी से हम स्वयं को बचा सकते हैं!
Bunty Chandrasen Kawardha